बी डी ओ के आदेश पर विद्यालय का हुवा जाँच
बीईओ गगन देव राम द्वारा मंगलवार को राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुरली भरहवा का जांच वीडियो हरिमोहन कुमार के आदेश पर की गई जांचोपरांत बीईओ ने बताया कि 2 पक्षों के बीच उत्पन्न विवाद को लेकर विद्यालय को राजनीतिक आंखड़ा बना दिया गया है विदित हो कि शनिवार को स्थानीय मुखिया शाहिद परवेज़ उर्फ मुन्ना भाई व उनके समर्थक द्वारा उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुरली भरहवा का औचक निरीक्षण किया गया था जिसमें मुखिया का दावा है कि विद्यालय में ढेर सारी अनियमितता है। विद्यालय में बच्चों को एमडीएम नहीं मिलता है।चार शिक्षक में दो ही शिक्षक विद्यालय आते हैं जिससे पठन-पाठन बाधित होता है।जांचोपरांत बीईओ ने बताया कि बच्चों से पूछताछ करने के बाद पता चला कि जो बच्चे व बच्चियाँ यहां नामांकित है उन्हें पूरा अंडा मिलता है परन्तु जो नामांकित नही है उन्हें आधा अंडा मिलता है।विद्यालय में प्रतिदिन भोजन बनता है। चार शिक्षक में तीन शिक्षक नियमित विद्यालय आते हैं। एक शिक्षिका सड़क दुर्घटना में घायल हो जाने के कारण अस्पताल में भर्ती है। इस मौके पर एमडीएम प्रभारी रवि रंजन कुमार भी उपस्थित थे। उक्त विद्यालय को लेकर एक गुट जहां विरोध में है वही दूसरा गुट का यह दावा है कि पंचायत चुनाव के साढे 3 साल बाद आज मुखिया को फुर्सत मिला है विद्यालय जांच करने का। बेलवा पंचायत के शेष विद्यालयो की जांच आज तक मुखिया के द्वारा क्यों नहीं की गई? उक्त विद्यालय के पोषक क्षेत्र के मुरली गांव के लोग विद्यालय के बचाव में जहां उतर गए हैं वहीं मुखिया समर्थक लोग विद्यालय में व्याप्त अनियमितता की बात कर रहे हैं।विदित हो कि मंगलवार की सुबह दोनों गुटों के बीच जमकर वाद- विवाद हुआ। मुखिया शहीद परवेज व बीआरपी सदन मिश्रा के बीच भी जमकर वाद- विवाद हुआ। दोनों गुट एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। घंटों बाद विवाद के बाद स्थानीय लोगों के पहल से विवाद को शांत कराया गया। मुरली गांव के लोगों ने मुखिया को दोषी ठहराते हुए कहा कि हाई स्कूल मुरली भरहवा गांव में बनने वाला था परंतु मुखिया हाई स्कूल को अपने गांव के समीप पिपरा में ले गए हैं। मुरली गांव के एक भी जर्जर सड़क का जीर्णोद्धार साढे 3 साल में नहीं हुआ है। मुखिया द्वारा मुरली गांव के तीनों टोला के साथ भेदभाव वरता जा रहा है। इधर मुखिया का दावा है कि पंचायत के सभी विद्यालयों की जांच कर उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार व अनियमितता को दूर किया जाएगा। बीइओ ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है इसे दूर किया जाएगा, ताकि 1 से 8 तक के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा सके।
बीईओ गगन देव राम द्वारा मंगलवार को राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुरली भरहवा का जांच वीडियो हरिमोहन कुमार के आदेश पर की गई जांचोपरांत बीईओ ने बताया कि 2 पक्षों के बीच उत्पन्न विवाद को लेकर विद्यालय को राजनीतिक आंखड़ा बना दिया गया है विदित हो कि शनिवार को स्थानीय मुखिया शाहिद परवेज़ उर्फ मुन्ना भाई व उनके समर्थक द्वारा उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुरली भरहवा का औचक निरीक्षण किया गया था जिसमें मुखिया का दावा है कि विद्यालय में ढेर सारी अनियमितता है। विद्यालय में बच्चों को एमडीएम नहीं मिलता है।चार शिक्षक में दो ही शिक्षक विद्यालय आते हैं जिससे पठन-पाठन बाधित होता है।जांचोपरांत बीईओ ने बताया कि बच्चों से पूछताछ करने के बाद पता चला कि जो बच्चे व बच्चियाँ यहां नामांकित है उन्हें पूरा अंडा मिलता है परन्तु जो नामांकित नही है उन्हें आधा अंडा मिलता है।विद्यालय में प्रतिदिन भोजन बनता है। चार शिक्षक में तीन शिक्षक नियमित विद्यालय आते हैं। एक शिक्षिका सड़क दुर्घटना में घायल हो जाने के कारण अस्पताल में भर्ती है। इस मौके पर एमडीएम प्रभारी रवि रंजन कुमार भी उपस्थित थे। उक्त विद्यालय को लेकर एक गुट जहां विरोध में है वही दूसरा गुट का यह दावा है कि पंचायत चुनाव के साढे 3 साल बाद आज मुखिया को फुर्सत मिला है विद्यालय जांच करने का। बेलवा पंचायत के शेष विद्यालयो की जांच आज तक मुखिया के द्वारा क्यों नहीं की गई? उक्त विद्यालय के पोषक क्षेत्र के मुरली गांव के लोग विद्यालय के बचाव में जहां उतर गए हैं वहीं मुखिया समर्थक लोग विद्यालय में व्याप्त अनियमितता की बात कर रहे हैं।विदित हो कि मंगलवार की सुबह दोनों गुटों के बीच जमकर वाद- विवाद हुआ। मुखिया शहीद परवेज व बीआरपी सदन मिश्रा के बीच भी जमकर वाद- विवाद हुआ। दोनों गुट एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। घंटों बाद विवाद के बाद स्थानीय लोगों के पहल से विवाद को शांत कराया गया। मुरली गांव के लोगों ने मुखिया को दोषी ठहराते हुए कहा कि हाई स्कूल मुरली भरहवा गांव में बनने वाला था परंतु मुखिया हाई स्कूल को अपने गांव के समीप पिपरा में ले गए हैं। मुरली गांव के एक भी जर्जर सड़क का जीर्णोद्धार साढे 3 साल में नहीं हुआ है। मुखिया द्वारा मुरली गांव के तीनों टोला के साथ भेदभाव वरता जा रहा है। इधर मुखिया का दावा है कि पंचायत के सभी विद्यालयों की जांच कर उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार व अनियमितता को दूर किया जाएगा। बीइओ ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है इसे दूर किया जाएगा, ताकि 1 से 8 तक के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा सके।

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