पारिवारिक कलह के कारण युवक ने लगाई गंडक नदी में छलांग, हुआ मौत।
बेटियों का जन्म लेना हुआ अभिशाप, चौथी बेटी का जन्म लेना हुआ पिता के मौत का कारण।
संजय कुमार पांडे संवाद सूत्र बाल्मीकि नगर
बाल्मीकि नगर थाना क्षेत्र के लव कुश घाट बांधा निवासी जालंधर नट का पुत्र अलसाद ने छलांग लगाकर गंडक नदी में आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण पारिवारिक कलह के साथ-साथ चौथी बेटी का जन्म लेना भी है। बताते चलें कि अलसाद नट को चौथी संतान के रूप में बेटी ही जन्म ली है जिसके कारण वह अपनी पत्नी से लड़की जन्म लेने के एवज में आज पूरे दिन झगड़ा लड़ाई करता रहा। अंततोगत्वा अलसाद नट बैराज पुल के फाटक नंबर 18 पर छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की सूचना मिलते ही आनन-फानन में लोगों ने उस घटना स्थल पर पहुंचकर बचाने की कोशिश की मगर गंडक नदी में तेज बहाव और अधिक पानी के कारण किसी का भी हिम्मत काम नहीं किया और लोगों के पहुंचने के समय तकअलसाद मौत के घाट उतार चुका था और उसका कहीं भी आता पता नहीं लग पाया। उसकी मौत की खबर सुनते ही परिवार वालों मैं मातम पसर गया और छोटे छोटे बच्चियों के साथ साथ मां का भी हाल रो रो कर बुरा हो गया था। पड़ोसियों के अनुसार अलसाद नट हमेशा पुत्र के जन्म के लिए लालायित रहता था, मगर जन्म मरण के बारे में उसे पता नहीं था कि यह ईश्वरीय देन है ईश्वर ने ही लड़का और लड़की इस धरती पर बना कर भेजते हैं उसके नासमझी के कारण हमेशा पति पत्नी के बीच लड़ाई झगड़ा होता रहता था उसी के मद्देनजर आज दोपहर से पति पत्नी के बीच लड़ाई झगड़ा होता रहा और देर शाम लगभग 5:30 बजे वह गंडक नदी में छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर दिया। अलसाद को चार पुत्रियां हैं अभी उसके मां-बाप भी जीवित हैं लेकिन वह अपनी मां बाप से अलग अपने परिवार का भरण पोषण करने वाला एकमात्र व्यक्ति था। इस बीच परिवार वालों के साथ साथ पत्नी और छोटी-छोटी बच्चियों का रो रो कर बुरा हाल हो गया है और उसके परिवार में मातम फैला हुआ है।
बेटियों का जन्म लेना हुआ अभिशाप, चौथी बेटी का जन्म लेना हुआ पिता के मौत का कारण।
संजय कुमार पांडे संवाद सूत्र बाल्मीकि नगर
बाल्मीकि नगर थाना क्षेत्र के लव कुश घाट बांधा निवासी जालंधर नट का पुत्र अलसाद ने छलांग लगाकर गंडक नदी में आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण पारिवारिक कलह के साथ-साथ चौथी बेटी का जन्म लेना भी है। बताते चलें कि अलसाद नट को चौथी संतान के रूप में बेटी ही जन्म ली है जिसके कारण वह अपनी पत्नी से लड़की जन्म लेने के एवज में आज पूरे दिन झगड़ा लड़ाई करता रहा। अंततोगत्वा अलसाद नट बैराज पुल के फाटक नंबर 18 पर छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की सूचना मिलते ही आनन-फानन में लोगों ने उस घटना स्थल पर पहुंचकर बचाने की कोशिश की मगर गंडक नदी में तेज बहाव और अधिक पानी के कारण किसी का भी हिम्मत काम नहीं किया और लोगों के पहुंचने के समय तकअलसाद मौत के घाट उतार चुका था और उसका कहीं भी आता पता नहीं लग पाया। उसकी मौत की खबर सुनते ही परिवार वालों मैं मातम पसर गया और छोटे छोटे बच्चियों के साथ साथ मां का भी हाल रो रो कर बुरा हो गया था। पड़ोसियों के अनुसार अलसाद नट हमेशा पुत्र के जन्म के लिए लालायित रहता था, मगर जन्म मरण के बारे में उसे पता नहीं था कि यह ईश्वरीय देन है ईश्वर ने ही लड़का और लड़की इस धरती पर बना कर भेजते हैं उसके नासमझी के कारण हमेशा पति पत्नी के बीच लड़ाई झगड़ा होता रहता था उसी के मद्देनजर आज दोपहर से पति पत्नी के बीच लड़ाई झगड़ा होता रहा और देर शाम लगभग 5:30 बजे वह गंडक नदी में छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर दिया। अलसाद को चार पुत्रियां हैं अभी उसके मां-बाप भी जीवित हैं लेकिन वह अपनी मां बाप से अलग अपने परिवार का भरण पोषण करने वाला एकमात्र व्यक्ति था। इस बीच परिवार वालों के साथ साथ पत्नी और छोटी-छोटी बच्चियों का रो रो कर बुरा हाल हो गया है और उसके परिवार में मातम फैला हुआ है।

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