शिक्षक दिवस पर विधालय बंद, पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार और हाथापाई
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शिक्षक दिवस का दिन है जो कि छात्रों द्वारा शिक्षकों को समर्पित और उनके लिए आदर और सम्मान देने के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इसे और निश्चित और बृहत रूप से बिहार के प्रत्येक प्रखंड के सभी सरकारी/निजी विधालयों में रंगारंग व सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ मनाने का निर्देश श्री आर के महाजन, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार का निर्देशित पत्र सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों/जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों/प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों व सभी प्रधानाचार्य बिहार को दिनांक 28-08-19को निर्गत किया गया था।
इसी निर्देश के आलोक में जब न्यूज9 टाइम्स मैनाटाड़ के संवाददाता बृजमोहन कुमार मधुरी पंचायत स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय में गए तब विधालय को बंद पाया परन्तु विधालय के कार्यालय को खुला देखा। हमारे संवाददाता बृजमोहन कुमार जब कार्यालय में बैठे दो व्यक्तियों से अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग बिहार के निर्देश के आलोक में विधालय के बंद और कार्यालय में बैठे व्यक्तियों का परिचय कैमरे के सामने पूछा तो उसमें उपस्थित एक व्यक्ति हमारे संवाददाता से उलझ गए और उनके मोबाइल को फेंक कर दुर्व्यवहार के साथ हाथापाई पर उतारू हो गए। जिसका विडियो न्यूज9 टाइम्स के पास उपलब्ध है।
इस संबंध में गगन देव राम प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मैनाटाड़ से दूरभाष पर ब्यूरो चीफ द्वारा प्रतिक्रिया ली गई तब उन्होंने मामले को संज्ञान में नहीं होना बताया और कहा कि स्थलीय जांच और दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात दोषी पर कार्यवाही की जाएगी। तत्पश्चात ब्यूरो चीफ आशुतोष कुमार बरनवाल व संवाददाता मनीष कुमार जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में उनका पक्ष जानना चाहा परन्तु वो कार्यालय में अनुपस्थित थे परन्तु श्री भगवान ठाकुर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना अपने कार्यालय में उपस्थित थे जिसपर उनका पक्ष घटना के वीडियो और विवरण बता कर जानना चाहा उसपर वे भी अनभिज्ञता जाहिर कर दुर्व्यवहार का शिकायत का आवेदन आने पर नियमाकुल विधिसम्मत कार्यवाही का आश्वासन न्यूज9 टाइम्स के ब्यूरो चीफ को दिया।
अब सवाल यह उठता है कि केवल विधालय में बैठे शिक्षकों का परिचय जानना और विधालय में शिक्षक दिवस नहीं मनाने का कारण पूछना क्या इतना बड़ा अपराध है कि सीधा शिक्षक महोदय दुर्व्यवहार के साथ मारपीट पर उतारूं हो गए। जब ऐसे शिक्षक विधालय में रहेंगे तब हमारे भविष्य रूपी बच्चों को किस प्रकार उच्च और संस्कार युक्त शिक्षा दे पाएंगे यह बहुत बड़ी सवाल है और आज के लिए शिक्षा के क्षेत्र में विधालय और शिक्षा विभाग में प्रश्न चिन्ह है।
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शिक्षक दिवस का दिन है जो कि छात्रों द्वारा शिक्षकों को समर्पित और उनके लिए आदर और सम्मान देने के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इसे और निश्चित और बृहत रूप से बिहार के प्रत्येक प्रखंड के सभी सरकारी/निजी विधालयों में रंगारंग व सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ मनाने का निर्देश श्री आर के महाजन, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार का निर्देशित पत्र सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों/जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों/प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों व सभी प्रधानाचार्य बिहार को दिनांक 28-08-19को निर्गत किया गया था।
इसी निर्देश के आलोक में जब न्यूज9 टाइम्स मैनाटाड़ के संवाददाता बृजमोहन कुमार मधुरी पंचायत स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय में गए तब विधालय को बंद पाया परन्तु विधालय के कार्यालय को खुला देखा। हमारे संवाददाता बृजमोहन कुमार जब कार्यालय में बैठे दो व्यक्तियों से अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग बिहार के निर्देश के आलोक में विधालय के बंद और कार्यालय में बैठे व्यक्तियों का परिचय कैमरे के सामने पूछा तो उसमें उपस्थित एक व्यक्ति हमारे संवाददाता से उलझ गए और उनके मोबाइल को फेंक कर दुर्व्यवहार के साथ हाथापाई पर उतारू हो गए। जिसका विडियो न्यूज9 टाइम्स के पास उपलब्ध है।
इस संबंध में गगन देव राम प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मैनाटाड़ से दूरभाष पर ब्यूरो चीफ द्वारा प्रतिक्रिया ली गई तब उन्होंने मामले को संज्ञान में नहीं होना बताया और कहा कि स्थलीय जांच और दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात दोषी पर कार्यवाही की जाएगी। तत्पश्चात ब्यूरो चीफ आशुतोष कुमार बरनवाल व संवाददाता मनीष कुमार जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में उनका पक्ष जानना चाहा परन्तु वो कार्यालय में अनुपस्थित थे परन्तु श्री भगवान ठाकुर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना अपने कार्यालय में उपस्थित थे जिसपर उनका पक्ष घटना के वीडियो और विवरण बता कर जानना चाहा उसपर वे भी अनभिज्ञता जाहिर कर दुर्व्यवहार का शिकायत का आवेदन आने पर नियमाकुल विधिसम्मत कार्यवाही का आश्वासन न्यूज9 टाइम्स के ब्यूरो चीफ को दिया।
अब सवाल यह उठता है कि केवल विधालय में बैठे शिक्षकों का परिचय जानना और विधालय में शिक्षक दिवस नहीं मनाने का कारण पूछना क्या इतना बड़ा अपराध है कि सीधा शिक्षक महोदय दुर्व्यवहार के साथ मारपीट पर उतारूं हो गए। जब ऐसे शिक्षक विधालय में रहेंगे तब हमारे भविष्य रूपी बच्चों को किस प्रकार उच्च और संस्कार युक्त शिक्षा दे पाएंगे यह बहुत बड़ी सवाल है और आज के लिए शिक्षा के क्षेत्र में विधालय और शिक्षा विभाग में प्रश्न चिन्ह है।

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