बेतिया नगर को दुधिया रौशनी से जगमगाने का पूर्ण सच
अश्वनी सिंह/ब्यूरो चीफ
बेतिया नगर परिषद के द्वारा समय-समय पर सम्पूर्ण बेतिया को दुधिया रौशनी से जगमगाने का घोषणा किया जाता रहा है और इसके लिए लाखों-करोड़ों के बजट के साथ कई एक कम्पनी द्वारा बेतिया नगर में युद्ध स्तर पर एलईडी और हाई मास्ट लाइट बेतिया के सभी वार्डों में लगाया गया है। कहीं-कहीं तो एक के जगह दो और कहीं कहीं तीन-चार भी साथ में लगाए गए हैं। इतना होने के बाद भी बेतिया को दुधिया करने का कार्य की असली जामा धरातल से परे है और नगर परिषद की ख्वाब सभी को दुधिया कर रही है।
जब हमने बेतिया नगर की पड़ताल की तो एक बात सामने आई कि उपरोक्त खबर के विपरित नगर सभापति महोदया के वार्ड नंबर 24 दुधिया रौशनी से भरपुर थी। यानि सभापति महोदया अपनी वार्ड का बखूबी ध्यान रखती हैं परन्तु अन्य वार्डो का जो हाल सामने आया उसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा? यह सवाल भी शक के घेरे में है। सूत्रों के हवाले जानकारी प्राप्त हुई है कि सभी संबंधित कंपनियों को लाइट लगाने के साथ ही साथ उसके मरम्मती का भी एक खास और मोटा रकम नगर परिषद से दी जाती है परन्तु संबंधित कंपनी अपने इस शर्तों पर कभी खड़ी नहीं है जो कि नगर परिषद को सवालों के घेरे में कर सभी संबंधित पदाधिकारियों को संदेहास्पद करती है। राज देवढ़ी राजा के मुख्य द्वार से लेकर लाल बाजार होते हुए सोवा बाबू चौक से अवंतिका चौक मीना बाजार की सारी लाइटें खराब पड़ी है। सागर पोखरा से होते हुए सक्रिट हाउस के रास्ते जिला व सत्र न्यायाधीश के आवास से होते हुए मुहर्रम चौक तक घनघोर अंधेरा की काली रात बनी हुई है। और फिर मुहर्रम चौक से हरिवाटिका चौक तक कई लाइटें खराब पड़ी है जिसमें हाइ मास्ट लाइटें भी शामिल हैं। मुहर्रम चौक से पश्चिम पिंजरा पौल गौशाला तक सभी लाइटें बंद पड़ी है। जब संबंधित एजेंसियों को मरम्मत के लिए रखा गया है तो फिर क्यों नहीं उनसे उनके इस कार्य को करवाया जाता है यह सवाल के घेरे में है। लाइट जो भी खराब होती है उसे उसी हाल में छोड़ कर वहीं दूसरी लाइट लगा दी जाती है आखिर यह सरकारी राशियों का दुरूपयोग नहीं तो और क्या हो सकता है। खराब को बनाने का भुगतान करके भी लाइट खराब रहती है और दूसरी लगा कर राशि का सदुपयोग कर ली जाती है।
नगर के कई नागरिकों द्वारा बताया गया कि लाइटें 6 6 माह से खराब पड़ी हुई है पर संज्ञान में होने के बाद भी दुधिया रौशनी के योजना पर ग्रहण लगा हुआ है। कुछ वार्डों में लाइटें जल रही है और कुछ वार्डो में अंधेरा छाई है जो कि नगर को दुधिया करने की बात को हवा हवाई करती नजर आती है।
अश्वनी सिंह/ब्यूरो चीफ
बेतिया नगर परिषद के द्वारा समय-समय पर सम्पूर्ण बेतिया को दुधिया रौशनी से जगमगाने का घोषणा किया जाता रहा है और इसके लिए लाखों-करोड़ों के बजट के साथ कई एक कम्पनी द्वारा बेतिया नगर में युद्ध स्तर पर एलईडी और हाई मास्ट लाइट बेतिया के सभी वार्डों में लगाया गया है। कहीं-कहीं तो एक के जगह दो और कहीं कहीं तीन-चार भी साथ में लगाए गए हैं। इतना होने के बाद भी बेतिया को दुधिया करने का कार्य की असली जामा धरातल से परे है और नगर परिषद की ख्वाब सभी को दुधिया कर रही है।
जब हमने बेतिया नगर की पड़ताल की तो एक बात सामने आई कि उपरोक्त खबर के विपरित नगर सभापति महोदया के वार्ड नंबर 24 दुधिया रौशनी से भरपुर थी। यानि सभापति महोदया अपनी वार्ड का बखूबी ध्यान रखती हैं परन्तु अन्य वार्डो का जो हाल सामने आया उसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा? यह सवाल भी शक के घेरे में है। सूत्रों के हवाले जानकारी प्राप्त हुई है कि सभी संबंधित कंपनियों को लाइट लगाने के साथ ही साथ उसके मरम्मती का भी एक खास और मोटा रकम नगर परिषद से दी जाती है परन्तु संबंधित कंपनी अपने इस शर्तों पर कभी खड़ी नहीं है जो कि नगर परिषद को सवालों के घेरे में कर सभी संबंधित पदाधिकारियों को संदेहास्पद करती है। राज देवढ़ी राजा के मुख्य द्वार से लेकर लाल बाजार होते हुए सोवा बाबू चौक से अवंतिका चौक मीना बाजार की सारी लाइटें खराब पड़ी है। सागर पोखरा से होते हुए सक्रिट हाउस के रास्ते जिला व सत्र न्यायाधीश के आवास से होते हुए मुहर्रम चौक तक घनघोर अंधेरा की काली रात बनी हुई है। और फिर मुहर्रम चौक से हरिवाटिका चौक तक कई लाइटें खराब पड़ी है जिसमें हाइ मास्ट लाइटें भी शामिल हैं। मुहर्रम चौक से पश्चिम पिंजरा पौल गौशाला तक सभी लाइटें बंद पड़ी है। जब संबंधित एजेंसियों को मरम्मत के लिए रखा गया है तो फिर क्यों नहीं उनसे उनके इस कार्य को करवाया जाता है यह सवाल के घेरे में है। लाइट जो भी खराब होती है उसे उसी हाल में छोड़ कर वहीं दूसरी लाइट लगा दी जाती है आखिर यह सरकारी राशियों का दुरूपयोग नहीं तो और क्या हो सकता है। खराब को बनाने का भुगतान करके भी लाइट खराब रहती है और दूसरी लगा कर राशि का सदुपयोग कर ली जाती है।
नगर के कई नागरिकों द्वारा बताया गया कि लाइटें 6 6 माह से खराब पड़ी हुई है पर संज्ञान में होने के बाद भी दुधिया रौशनी के योजना पर ग्रहण लगा हुआ है। कुछ वार्डों में लाइटें जल रही है और कुछ वार्डो में अंधेरा छाई है जो कि नगर को दुधिया करने की बात को हवा हवाई करती नजर आती है।

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