ओल्ड इज गोल्ड के चरितार्थ को साबित कर रहे हैं पुनयदेव
बेतिया नौतन प्रखंड के गहरी कोठी गाँव के सतर के उम्र पार कर चुके समाजसेवी पुनयदेव प्रसाद काम करने तथा समाज के लोगो के उथान के लिए विभिन्न प्रकार के सफल कामों को कर गोल्ड इज गोल्ड जीवन के चरितार्थ को सच करके दिखा रहे हैं बता दें कि सुबह तीन बजे जग कर हाथ में झाडू लेकर दो किलोमीटर तक स्वय सड़कों की सफाई करना तथा उन सड़को पर पानी छिडकाव करना अपने आप में एक मिसाल है इतना ही नहीं एक कुशल किसान की तरह अच्छी खेती करने के लिए भी ये क्षेत्र में जाने जाते हैं तो दुसरी तरफ जनता के हित के लिए सरकार कि कल्याण कारी योजनाओं को अपने पचायत में पुरी पारदिरशता के साथ लागू करना एव गलत कार्य में विरोध करना इनकी नियती में शामिल हैं वहीं अपनी शेर जैसी ऊची अवाज के कारण गलत काम को बढ़ावा देने वाले इस इमनदारी के धनी व्यक्ति के पास भटकते भी नहीं इन सभी गुण के कारण जिले से लेकर राजयधानी तक प्रशासक तथा प्रशासनीक से जुडे सभी इनहे आदर कि निगाहें से देखते हैं वहीं समाज में समाजीक कामों को पसंद नहीं करने वाले तत्व के लिए ये उनके आँखो के किरकिरी बने हुए रहते हैं पर इन सभी बातों का प्रवाह किये बिना एक सादगी जिवन निर्वहन करना तथा मेहनत के साथ अच्छे काम करने में ये युवाओं तक के नाक काट देते हैं तभी तो सथानिय छोटे माझी जगदीश प्रसाद जितेंद्र कुमार अनिल कुमार सचिन कुमार विकास कुमार का कहना है कि हमारे लिए ये ओल्ड इज गोल्ड के चरितार्थ पर खरे नजर आते हैं
बेतिया नौतन प्रखंड के गहरी कोठी गाँव के सतर के उम्र पार कर चुके समाजसेवी पुनयदेव प्रसाद काम करने तथा समाज के लोगो के उथान के लिए विभिन्न प्रकार के सफल कामों को कर गोल्ड इज गोल्ड जीवन के चरितार्थ को सच करके दिखा रहे हैं बता दें कि सुबह तीन बजे जग कर हाथ में झाडू लेकर दो किलोमीटर तक स्वय सड़कों की सफाई करना तथा उन सड़को पर पानी छिडकाव करना अपने आप में एक मिसाल है इतना ही नहीं एक कुशल किसान की तरह अच्छी खेती करने के लिए भी ये क्षेत्र में जाने जाते हैं तो दुसरी तरफ जनता के हित के लिए सरकार कि कल्याण कारी योजनाओं को अपने पचायत में पुरी पारदिरशता के साथ लागू करना एव गलत कार्य में विरोध करना इनकी नियती में शामिल हैं वहीं अपनी शेर जैसी ऊची अवाज के कारण गलत काम को बढ़ावा देने वाले इस इमनदारी के धनी व्यक्ति के पास भटकते भी नहीं इन सभी गुण के कारण जिले से लेकर राजयधानी तक प्रशासक तथा प्रशासनीक से जुडे सभी इनहे आदर कि निगाहें से देखते हैं वहीं समाज में समाजीक कामों को पसंद नहीं करने वाले तत्व के लिए ये उनके आँखो के किरकिरी बने हुए रहते हैं पर इन सभी बातों का प्रवाह किये बिना एक सादगी जिवन निर्वहन करना तथा मेहनत के साथ अच्छे काम करने में ये युवाओं तक के नाक काट देते हैं तभी तो सथानिय छोटे माझी जगदीश प्रसाद जितेंद्र कुमार अनिल कुमार सचिन कुमार विकास कुमार का कहना है कि हमारे लिए ये ओल्ड इज गोल्ड के चरितार्थ पर खरे नजर आते हैं

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