साठी आई. टी. आई. तकनीकी का वरदान : अजय द्विवेदी
साठी आई टी आई चंपारण में न सिर्फ तकनीकी शिक्षा का विकास कर रहा है बल्कि यह चंपारण के निधन छात्रों के लिए वरदान भी साबित हुआ है। उक्त बातें प्रशिक्षण संस्थान के संस्थापक संरक्षक और निदेशक और बिहार सरकार के पूर्व विशेष सचिव (कैबिनेट) अजय कुमार द्विवेदी ने कही। वे आई टी आई साठी के सामग्री वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। शिक्षक दिवस के इस पावन अवसर पर श्री द्विवेदी ने भारत के 100 युवा साहित्यकारों में चंपारण से चयनित और साहित्य शताब्दी सम्मान प्राप्त शिक्षक ,युवा कवि साहित्यकार मुकुंद मुरारी राम को भी सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सामग्री वितरण समारोह का शुभारंभ संस्थापक निदेशक अजय द्विवेदी , संस्थापक सचिव सुदिव्या द्विवेदी , एस डी पी ओ सूर्यकांत चौबे , प्रशिक्षु आई ए एस धीरेन्द्र कुमार , थानाध्यक्ष राजू मिश्रा , भोट चतुर्वेदी , अवधेश तिवारी , डॉ.आफताब आलम , प्राचार्य सर्वेश उपाध्याय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। स्वागत उद्बोधन और परिचयात्मक संबोधन अजय द्विवेदी ने किया । इस प्रशिक्षण संस्थान के अनुदेशकों और मुख्य अनुदेशकों को आज के अवसर पर संस्थान की तरफ से सम्मानित भी किया गया।
इस समारोह की अध्यक्षता स्वयं संस्थापक निदेशक अजय द्विवेदी ने की जबकि संचालन शिक्षक, युवा कवि साहित्यकार मुकुंद मुरारी राम ने किया । 80 छात्रों को मुफ्त सामग्री अजय द्विवेदी और सुदिव्या द्विवेदी सहित सभी मंचासीन अधिकारियों द्वारा प्रदान किया गया जो हर वर्ष दिया जाता है। प्रशिक्षु आई ए एस अधिकारी धीरेन्द्र कुमार ने कहा कि चंपारण की धरती पर ऐसा संस्थान इस क्षेत्र के गौरव की बात है और इसमें लड़कियों का भी नामांकन हो इसके लिए प्रयास किया जाय। सुदिव्या द्विवेदी ने कहा कि यह संस्थान निर्धन छात्रों के लिए सदैव खड़ा रहेगा और इसके और ब्रांच के बारे में हमलोग विचार कर रहे हैं। एस डी पी ओ सूर्यकांत चौबे ने भी छात्रों को यह कह कर प्रेरित किया कि शिक्षा कोई भी संस्कार्युक्त होनी चाहिए। भोट चतुर्वेदी ने अजय द्विवेदी की तुलना मदन मोहन मालवीय से करते हुए कहा अजय जी का यह संस्थान बी एच यू वाराणसी की तरह है जो हर वर्ष तकनीकी के क्षेत्र में राष्ट्र हित में सैकड़ों प्रतिभा को समर्पित करता है। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र और फूलमाला भेंट कर स्वागत किया गया और छात्रों को पढ़ने हेतु कोर्स की किताब ,बैग और आई कार्ड मुफ्त प्रदान किया गया। समारोह को अवधेश तिवारी , डॉ.आफताब आलम, शाही मिश्र आदि ने संबोधित किया । धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य सर्वेश उपाध्याय ने किया ।
साठी आई टी आई चंपारण में न सिर्फ तकनीकी शिक्षा का विकास कर रहा है बल्कि यह चंपारण के निधन छात्रों के लिए वरदान भी साबित हुआ है। उक्त बातें प्रशिक्षण संस्थान के संस्थापक संरक्षक और निदेशक और बिहार सरकार के पूर्व विशेष सचिव (कैबिनेट) अजय कुमार द्विवेदी ने कही। वे आई टी आई साठी के सामग्री वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। शिक्षक दिवस के इस पावन अवसर पर श्री द्विवेदी ने भारत के 100 युवा साहित्यकारों में चंपारण से चयनित और साहित्य शताब्दी सम्मान प्राप्त शिक्षक ,युवा कवि साहित्यकार मुकुंद मुरारी राम को भी सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सामग्री वितरण समारोह का शुभारंभ संस्थापक निदेशक अजय द्विवेदी , संस्थापक सचिव सुदिव्या द्विवेदी , एस डी पी ओ सूर्यकांत चौबे , प्रशिक्षु आई ए एस धीरेन्द्र कुमार , थानाध्यक्ष राजू मिश्रा , भोट चतुर्वेदी , अवधेश तिवारी , डॉ.आफताब आलम , प्राचार्य सर्वेश उपाध्याय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। स्वागत उद्बोधन और परिचयात्मक संबोधन अजय द्विवेदी ने किया । इस प्रशिक्षण संस्थान के अनुदेशकों और मुख्य अनुदेशकों को आज के अवसर पर संस्थान की तरफ से सम्मानित भी किया गया।
इस समारोह की अध्यक्षता स्वयं संस्थापक निदेशक अजय द्विवेदी ने की जबकि संचालन शिक्षक, युवा कवि साहित्यकार मुकुंद मुरारी राम ने किया । 80 छात्रों को मुफ्त सामग्री अजय द्विवेदी और सुदिव्या द्विवेदी सहित सभी मंचासीन अधिकारियों द्वारा प्रदान किया गया जो हर वर्ष दिया जाता है। प्रशिक्षु आई ए एस अधिकारी धीरेन्द्र कुमार ने कहा कि चंपारण की धरती पर ऐसा संस्थान इस क्षेत्र के गौरव की बात है और इसमें लड़कियों का भी नामांकन हो इसके लिए प्रयास किया जाय। सुदिव्या द्विवेदी ने कहा कि यह संस्थान निर्धन छात्रों के लिए सदैव खड़ा रहेगा और इसके और ब्रांच के बारे में हमलोग विचार कर रहे हैं। एस डी पी ओ सूर्यकांत चौबे ने भी छात्रों को यह कह कर प्रेरित किया कि शिक्षा कोई भी संस्कार्युक्त होनी चाहिए। भोट चतुर्वेदी ने अजय द्विवेदी की तुलना मदन मोहन मालवीय से करते हुए कहा अजय जी का यह संस्थान बी एच यू वाराणसी की तरह है जो हर वर्ष तकनीकी के क्षेत्र में राष्ट्र हित में सैकड़ों प्रतिभा को समर्पित करता है। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र और फूलमाला भेंट कर स्वागत किया गया और छात्रों को पढ़ने हेतु कोर्स की किताब ,बैग और आई कार्ड मुफ्त प्रदान किया गया। समारोह को अवधेश तिवारी , डॉ.आफताब आलम, शाही मिश्र आदि ने संबोधित किया । धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य सर्वेश उपाध्याय ने किया ।


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