करगहर प्रखंड परिसर में गंदगी का अंबार, शौचालय भी   बेकार   


करगहर--- : देशभर में स्वच्छ भारत मिशन अभियान चल रहा है। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए गरीबों को शौचालय बनाने के लिए राशि भी  दी गई थी  अभियान को सफल बनाने में पूरा तंत्र जुटा हुआ है और साफ सफाई का संकल्प दिलाया जार रहा है, लेकिन वहीं करगहर  प्रखंड परिसर के स्वच्छता के लेकर  प्रशासन लापरवाह है। यही वजह है कि प्रखंड परिसर  में जगह-जगह कचरा का अंबार लगा है।यही नही परिसर में स्थित  शौचालय भी बेकार पड़ा है। इसे लेकर जिम्मेदार तंत्र की कोई चिंता तक नहीं है।इससे यही कहा जा सकता है कि स्वच्छता के प्रति जब अधिकारी ही गंभीर नहीं हैं तो आम लोगों से क्या अपेक्षा कर सकते हैं। स्वच्छता को लेकर प्रशासनिक पदाधिकारियों ने स्वच्छता अभियान चलाया। इसमें भारी बजट खर्च किया गया, लेकिन करगहर में परिणाम सिफर है। यहां अभियान का असर दूर-दूर तक देखने को नहीं मिलता है। जहां से स्वच्छता अभियान के लिए जागरूकता फैलाया जा रहा है, वह कार्यालय ही खुद गंदगी से पटा हुआ है। प्रखंड और अंचल कार्यालय के इर्द-गिर्द गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पूरा कार्यालय परिसर के अगल बगल झाड़ियों से घिरा हुआ है, लेकिन पदाधिकारी इस ओर गंभीर नहीं है।


 परिसर का शौचालय बेकार 

प्रखंड और अंचल कार्यालय के बाहर परिसर में बने शौचालय में भी बेकार पड़ा हुआ है।यह शौचालय तो किसी काम का नहीं है। यहां सप्ताह में प्रति दिन यहां विभिन्न प्रकार की बैठकें या फिर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन होता है वही नही इस प्रखंड के बीसो पंचायत के लोगों का आना जाना लगा रहता है ।शौचालय की स्थिति खराब रहने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है।क्योंकि इस दौरान अगर किसी की पेट खराब हो जाये तो उसे झुरमुट की आड देखना पड़ता है या खुले में कहीं जगह की तलाशी करनी पड़ती है शौचालाय या पेशाबखाना की दरवाजे टुटने ,शौचालाय व पेशाब खाने में गंदगी की लगने व शौचालाय के उपर  छत ना होने के कारणा कर्मी के अलावा खासकर आने जाने वाली  महिलाओं  व छात्राओं को शौच या पेशाब के लिए विवश होकर सड़क किनारे जाना पड़ता है।जो एक बहुत ही शर्मिंदगी की बात है,आये दिन लोगों के मुँह से प्रखंड परिसर के सम्बंध में चिराग तले अँधेरा कहावत को चरितार्थ करने की बात कही जा रही है

 चिराग तले अंधेरा 


पदाधिकारी प्रतिदिन गांव-गांव घूम-घूमकर लोगों को बाहर में शौच से मुक्ति व स्वच्छता  के लिए जागरूकता अभियान चलाते हैं, लेकिन प्रखंड कार्यालय परिसर में ही स्वच्छता नही है।परिसर में बने महिला-पुरुष  कर्मी के अलावे बने और शौचालय का किसी दरवाजा टुटा है तो शौचालाय के उपर छत नही ,किसी सीट टुटा,तो किसी में सफाई नही जिसके चलते प्रखंड़ आने जाने वाले ग्रामीण के साथ साथ प्रखंड व अंचल  में काम करने वाले कर्मी को खुले में शौच व पेशाब करने के लिए मजबुर है, क्योंकि परिसर का शौचालय बेकार अवस्था में है। जहां सैकड़ों लोग रोज अपने काम के लिए पहुंचते हैं, उस कार्यालय का हाल एकदम दयनीय है।

प्रखंड परिसर आने जाने वाले लोगों ने  मांग किया कि शीघ्र ही अभियान चलाकर प्रखंड परिसर को साफ-सफाई व शौचालाय के दरवाजे और छत की मरम्मत कराई जाए, इसके बाद नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए।

Comments

Popular posts from this blog

2017 के आपदा मे छतिग्रस्त सड़कों कि हालात बद से बत्तर