राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न मामलों का हुआ निष्पादन 


  ब्यूरो रिपोर्ट पश्चिम चंपारण / अश्वनी सिंह / ब्यूरो चीफ   

बेतिया। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आज दिनांक-14 सितंबर 2019 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पंचम), पवन कुमार पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्जवलित कर इसके उद्घाटन के साथ ही जिला न्यायालय एवं अनुमंडल न्यायालयों में किया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में विभिन्न वादों का निष्पादन पक्षकारों की सहमति से किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पंचम) द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन हेतु संबंधित न्यायिक पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति के आधार पर विभिन्न वादों का निष्पादन करने का यह एक अच्छा मौका है। राष्ट्रीय लोक अदालत एक ऐसी न्यायिक प्रक्रिया है, जहां पक्षकारों की सहमति से निर्णय होता है। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिम चम्पारण, कुमार धीरेन्द्र राजाजी, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, प्रथम, योगेश शरण तिवारी,  राजकपूर, ब्रजेश कुमार सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण की सराहनीय भूमिका रही है। इसके साथ ही उन्होंने बगहा अनुमंडल न्यायालय के पदाधिकारियों के अलावा सभी बैंक कर्मियों तथा अन्य विभागों के पदाधिकारियों की भी सराहना की। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिम चम्पारण, कुमार धीरेन्द्र राजाजी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों, बीएसएनएल, इंश्योरेन्स कंपनी, बिजली कंपनी, विभिन्न विभागों का स्टॉल लगाया गया था। जहां संबंधित अधिकारी/कर्मी द्वारा पूरी मुस्तैदी से पक्षकारों के वादों का निष्पादन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों तथा अन्य विभागों के 1115 मामलों में 4,31,04685.00 (चार करोड़ एकतीस लाख चार हजार छह सौ पचासी) रू0 राशि का सेटेलमेंट किया गया। इसके साथ ही आपराधिक मामलों के 201 मामलों, श्रम विवाद का एक मामला एवं पारिवारिक विवाद का एक मामला, वन विभाग का एक मामला का निष्पादन किया गया। 
विदित हो कि पूर्व में सभी बैंकों के अधिकारियों, बीएसएनएल के अधिकारी सहित तमाम उपस्थित अधिकारियों को निदेश दिया गया था कि वे अपने कार्यालय के समक्ष बकायेदारों की लिस्ट निश्चित रूप से कार्यालय के बाहर चिपकाये ताकि जिन बकायेदारों को उनके नाम की नोटिस नहीं मिली है, वह संबंधित बैंक के कार्यालय के बाहर या बीएसएनएल के कार्यालय के बाहर अपने नाम को सूची में पाकर लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने बकाया से मुक्ति पा सके। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सहायक हिन्द कुमार, विभोर पाण्डेय, विनोद कुमार, मुन्ना राउत, रमेश ठाकुर आदि की सराहनीय भूमिका रही।

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