सुभाष मांझी की हत्या को मौत मे बदलने की साजिश कर रही है पुलिस
अश्वनी सिंह / ब्यूरो चीफ
राष्ट्रीय दलित मान्वाधिकार अभियान बिहार की चार सदस्यीय टीम बगहा पहुंचकर सुभाष मांझी हत्या मामले की जांच की ।जांच के क्रम मे पीड़ित गवाह ग्रामीण पुलिस डीएसपी से मिलने एवं पोस्टमार्तम म्रित्यु समीक्षा रिपोर्ट से ये बात सामने आइ की बगहा पुलिस सुभाष माझी हत्या को सुनियोजित साजिश के तहत मौत मे बदलने की साजिश सामने आई । जांच टीम आइ ओ डीएसपी से मिली तो आइ ओ के कहा की अभी तक सुपरविजन नही हुआ है सुपर्विजन के बाद ही कुछ होगा । डीएस्पी ने मामले मे कुछ भी बोलने से कतराते रहे ईसासे ये बाते सामने आइ की डीएसपी आरोपी केडिया से मिलकर मामले को मौत मे बदलने की साजिश कर रहे है NCDHR की टीम केडिया के घर मिलने पहुंची तो केडिया ने मिलने से इंकार कर दिया NCDHR डीएसपी बगहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कारवाई करने मामले की ञ्यायिक जान्च, स्पीडी ट्रायल चलाने , नामजद अभियुक्तो को 48 घंटे मे गिरफ्तार करने , पीड़ित परिवार को अनुजाति जाति जनजाति अत्याचार निवारण के नियम 12(4) के तहत 825000 रु मुआवजा देने तीन महीनों तक परिवार को राशन भोजन कपड़े आवास आदि मुहैया कराने आदि मांग की ।घटना के एक माह बाद भी अभियुक्तो की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस अपराधी की मिलीभगत है । NCDHR इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर मामले को उठाएगा पीड़ित परिवार को नयाय दिलाने मे सहयोग देगा । टीम का नेतृत्व विद्यानन्द राम राज्य महासचिव राजू बैठा संयोजक दिलीप कुमार सुमन एवं जगजीत राम शामिल थे
अश्वनी सिंह / ब्यूरो चीफ
राष्ट्रीय दलित मान्वाधिकार अभियान बिहार की चार सदस्यीय टीम बगहा पहुंचकर सुभाष मांझी हत्या मामले की जांच की ।जांच के क्रम मे पीड़ित गवाह ग्रामीण पुलिस डीएसपी से मिलने एवं पोस्टमार्तम म्रित्यु समीक्षा रिपोर्ट से ये बात सामने आइ की बगहा पुलिस सुभाष माझी हत्या को सुनियोजित साजिश के तहत मौत मे बदलने की साजिश सामने आई । जांच टीम आइ ओ डीएसपी से मिली तो आइ ओ के कहा की अभी तक सुपरविजन नही हुआ है सुपर्विजन के बाद ही कुछ होगा । डीएस्पी ने मामले मे कुछ भी बोलने से कतराते रहे ईसासे ये बाते सामने आइ की डीएसपी आरोपी केडिया से मिलकर मामले को मौत मे बदलने की साजिश कर रहे है NCDHR की टीम केडिया के घर मिलने पहुंची तो केडिया ने मिलने से इंकार कर दिया NCDHR डीएसपी बगहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कारवाई करने मामले की ञ्यायिक जान्च, स्पीडी ट्रायल चलाने , नामजद अभियुक्तो को 48 घंटे मे गिरफ्तार करने , पीड़ित परिवार को अनुजाति जाति जनजाति अत्याचार निवारण के नियम 12(4) के तहत 825000 रु मुआवजा देने तीन महीनों तक परिवार को राशन भोजन कपड़े आवास आदि मुहैया कराने आदि मांग की ।घटना के एक माह बाद भी अभियुक्तो की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस अपराधी की मिलीभगत है । NCDHR इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर मामले को उठाएगा पीड़ित परिवार को नयाय दिलाने मे सहयोग देगा । टीम का नेतृत्व विद्यानन्द राम राज्य महासचिव राजू बैठा संयोजक दिलीप कुमार सुमन एवं जगजीत राम शामिल थे

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