छात्र नेता के निधन पर,आज़ाद मंच ने निकाला कैंडल मार्च
अश्वनी सिंह / ब्यूरो चीफ
समाज सेवा करने के लिए यह आवश्यक नहीं कि व्यक्ति का उम्र बहुत अधिक हो कम उम्र से ही समाज सेवा की जा सकती है एवं सामाजिक जीवन जिया जा सकता है. इसका बखूबी उदाहरण दीपक कुशवाहा ने समाज में पेश किया है. इतने कम उम्र में ही दीपक जी ने समाज में जो प्रतिष्ठा बनाई वह शायद सभी को नसीब नहीं होता,उनके निधन से समाज का एक सजग प्रहरी चला गया.दीपक कुशवाहा की सेवा भावना एक यज्ञ के समान थी,जो सबमें सेवा भाव भरती थी. उनकी साधुता,सादगी और विनम्रता अनुकरणीय थी.इन्हीं खूबियों के लिये वे समाज मे अमर रहेंगे.उपयुक्त बातें राष्ट्रीय आजाद मंच के प्रदेश प्रभारी विशाल कुमार मिश्र ने कही। वे अपने विभाग संयोजक दीपक कुशवाहा के आकस्मिक में निधन पर राष्ट्रिय आजाद मंच द्वारा आयोजित कैंडल मार्च के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे.शुक्रवार की देर शाम राष्ट्रीय आजाद मंच के कार्यकर्ताओं ने दीपक कुशवाहा अमर रहें,जब तक सूरज चाँद रहेगा-दीपक कुशवाहा का नाम रहेगा के बुलंद नारों के साथ शहर के कमलनाथ नगर से कैंडल मार्च निकाला.तीन लालटेन चौक,लाल बाजार,हजारीमल धर्मशाला होते हुए मार्च शहीद स्मारक पहुंची एवं सभा में तब्दील हो गई.शहीद पार्क में हुए इस सभा में सैकड़ों युवा एकत्रित हुए,सबने अपने-अपने विचार रखें.इस दौरान दीपक के सामाजिक कार्यों को बताते हुए समाजसेवी डी.के कुशवाहा एवं शशि कुशवाहा ने कहा कि उनके निधन से उन लोगों को विशेष गहरा सदमा पहुंचा है,जो सामाजिक क्षेत्र से जुड़े हैं.उनकी अटूट सेवा भावना कइयों में सेवा ज्योति जाग्रत करती थी.उनका चुंबकीय व्यवहार सहज ही लोगों को सेवा करने के लिए प्रेरित करता था.कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अभिषेक गुप्ता ने किया।मौके पर विकास आर्य,पप्पू कुशवाहा,सुधांशु मिश्र,भास्कर राय,सतीश कुमार,राजेश कुमार,सुनील कुशवाहा,आदित्य कुमार,उत्कर्ष राज सहित सैकड़ों युवा मौजूद रहें।

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