नहर टूटने से दर्जनों एकड़ धान की फसल बर्बाद
नहर टूटने से दर्जनों एकड़ धान की फसल बर्बाद
अश्वनी सिंह/ ब्यूरो चीफ /बेतिया
बेतिया सोमवार के रात्रि नाहर टूटने से दर्जनों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गए!विदित हो कि कम लागत में बेहतर सिंचाई हो इसके लिए सरकार ने नहर बनवाया जिससे किसानों के खेत तक पानी पहुंच जाए और किसानों की फसल के उत्पादन में कम से कम लागत हो और बेहतर उत्पादन हो जिसके लिए सरकार बजट का कुछ परसेंट किसानों पर खर्च कर रही है! भारत सरकार के महत्वाकांक्षी योजना में वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी दोगुनी हो के लक्ष्य पर लगातार कृषि विभाग; सिंचाई विभाग को कोलोरो रुपैया पानी की तरह बहाया जा रहा है! लेकिन किसानों के खेतों तक पानी पहुंच जाए विभागीय उदासीनता और संसाधन ना होने से अच्छी सिंचाई नहीं हो पाता है जिसे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर पानी फिरता दिख रहा है इसका उदाहरण सोमवार की रात्रि नहर प्रमंडल एक के बैल घाटी नोहर से निकलने वाली गनौली माइनर जोकि राजेंद्र कुमार के खेत के सामने रात्रि में नोहर करीब 10 फीट टूट गया लेकिन इस जिससे करीब दर्जनों एकड़ धान की फसलें पानी में डूब गए और किसानों के लागत पर भी पानी फिर गया इस संदर्भ में कार्यपालक अभियंता के दूरभाष बातचीत और उन्होंने बताया कि मामले की जांच करवाई जा रही है आगे इस संदर्भ में जिला पदाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच कर संबंधित जोशी पदाधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी

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