दो संगी बहनों का अपहरण हुये एक माह ,प्रशासन द्वारा कोई पहल नहीं
रिपोर्ट :- शेखर सोनी
बेतिया :- सूबे में आजकल खास कर नाबालिक लड़कियों की अपहरण जोर पकड़े हुए है जिस पर बिहार सरकार मौन है। नाबालिक लड़कियों का अपहरण करना समाज के लिए विनाशकारी संकेत है। सबसे ज्यादा गरीब परिवार एवं मध्यम परिवार के नाबालिक लड़कियों को गायब किया जा रहा है। सवाल है आखिर अपहरण क्यों ? सिर्फ पैसा के लिए, क्या इंसानों मे इंसानियत खत्म हो गई है। बता दें कि एक माह से ऊपर होने को है, ऐसी ही घटना नगर बेतिया के संत घाट निवासी रूखसाना खातुन पति अमीर मियाँ ने बताई, कि 20 जुन दिन बृहस्पतिवार संध्या करीब 6:00 मेरी पुत्री (1)सबीना खातुन उम्र 13वर्ष (2) रबीना खातुन उम्र 7वर्ष दोनों पुत्री यह कहकर घर से निकली की वह अपनी सहेली रौशनी के जन्म दिन के पार्टी में जा रही हूँ, उसके बाद घर लौट कर नहीं आई, तब रौशनी खातुन पति छोटु के घर जाकर पुछ ताछ की तब रौशनी खातुन पति छोटु पिता मरहूम हारून मियां कालीबाग वार्ड नं 12, गाड़ीवान टोली निवासी के द्वारा मेरे साथ गाली गलौज करते हुए मेरी पुत्री के विषय मे सही जानकारी नही बताकर टाल मटोल किया गया, जब कि जन्मदिन की कोई पार्टी का आयोजन नही था, एक सोची समझी साजिश के तहत मेरी दोंनो पुत्रियों को धोखा से बुलाकर अपहरण करा दी गई है। जब कि अपनी संगो संबंधी से पुछ ताछ की तो कोई आता पता नहीं चला तब बेतिया ओo पी0 काली बाग थाना जाकर आवेदन देकर गुहार लगाई की मेरी दोनो पुत्री का अपहरण रौशनी व छोटु के ही मिली भगत से करा ली गयी है लेकिन प्रशासन द्वारा अभी तक मेरी दोनों बच्चीयों का पता नहीं लगाया गया जिसका केस न0 487/19 है । मैंने पुलिस अधीक्षक औऱ पुलिस उप महा निरीक्षक के पास भी आवेदन दे कर अपनी दोनों बच्चों का सही सलामत पाने की गुहार लगाई है। पर दोनों अपहरणकर्ता अभी तक खुले आम घुम रहे है, पुलिस गिरफ्तार नहीं किया।अपहरण के एक महीने से ऊपर हो गया, थाना पर जा कर अपनी पुत्री के बारे में पुछ रहीं हूँ, तो पुलिस कोई जबाब नहीं दे रही हैं, छोटु द्वारा धमकी दिया जा रहा है कि थाना से केस उठा लो नही तो दुनिया से तुमको उठा देंगे । अपहरणकर्ता कुछ सफेदपोश से मिलीभगत कर थानेदार को पैसा दे देते है और वे जाँच होने के नाम पर एक एक दिन कर महीने बिता दिये।
अब सोचनीय विषय है कि समाज मे इस प्रकार की घटना हो और प्रशासन द्वारा ससमय किसी की भी बच्चों का सही सलामत घर न आना समाज मे डर पैदा कर देता है। ऐसा घिनौना काम करने वाले लोग यह शायद नहीं सोचते कि उनकी भी औलाद है चाहे वह बेटा हो या बेटी ।
दोनों नाबालिक संगी बहनों की माँ मानसिक तनाव से ग्रसित है कि मेरी पुत्रियों के साथ कोई अनहोनी न हो ऊपर वाले की रहमत से सही सलामत हो और प्रशासन द्वारा जितना जल्द हो जाँचों उपरांत दोनों बच्चे घर आ जाये, और दोषियों को कठोर से कठोर सजा मिले।
रिपोर्ट :- शेखर सोनी
बेतिया :- सूबे में आजकल खास कर नाबालिक लड़कियों की अपहरण जोर पकड़े हुए है जिस पर बिहार सरकार मौन है। नाबालिक लड़कियों का अपहरण करना समाज के लिए विनाशकारी संकेत है। सबसे ज्यादा गरीब परिवार एवं मध्यम परिवार के नाबालिक लड़कियों को गायब किया जा रहा है। सवाल है आखिर अपहरण क्यों ? सिर्फ पैसा के लिए, क्या इंसानों मे इंसानियत खत्म हो गई है। बता दें कि एक माह से ऊपर होने को है, ऐसी ही घटना नगर बेतिया के संत घाट निवासी रूखसाना खातुन पति अमीर मियाँ ने बताई, कि 20 जुन दिन बृहस्पतिवार संध्या करीब 6:00 मेरी पुत्री (1)सबीना खातुन उम्र 13वर्ष (2) रबीना खातुन उम्र 7वर्ष दोनों पुत्री यह कहकर घर से निकली की वह अपनी सहेली रौशनी के जन्म दिन के पार्टी में जा रही हूँ, उसके बाद घर लौट कर नहीं आई, तब रौशनी खातुन पति छोटु के घर जाकर पुछ ताछ की तब रौशनी खातुन पति छोटु पिता मरहूम हारून मियां कालीबाग वार्ड नं 12, गाड़ीवान टोली निवासी के द्वारा मेरे साथ गाली गलौज करते हुए मेरी पुत्री के विषय मे सही जानकारी नही बताकर टाल मटोल किया गया, जब कि जन्मदिन की कोई पार्टी का आयोजन नही था, एक सोची समझी साजिश के तहत मेरी दोंनो पुत्रियों को धोखा से बुलाकर अपहरण करा दी गई है। जब कि अपनी संगो संबंधी से पुछ ताछ की तो कोई आता पता नहीं चला तब बेतिया ओo पी0 काली बाग थाना जाकर आवेदन देकर गुहार लगाई की मेरी दोनो पुत्री का अपहरण रौशनी व छोटु के ही मिली भगत से करा ली गयी है लेकिन प्रशासन द्वारा अभी तक मेरी दोनों बच्चीयों का पता नहीं लगाया गया जिसका केस न0 487/19 है । मैंने पुलिस अधीक्षक औऱ पुलिस उप महा निरीक्षक के पास भी आवेदन दे कर अपनी दोनों बच्चों का सही सलामत पाने की गुहार लगाई है। पर दोनों अपहरणकर्ता अभी तक खुले आम घुम रहे है, पुलिस गिरफ्तार नहीं किया।अपहरण के एक महीने से ऊपर हो गया, थाना पर जा कर अपनी पुत्री के बारे में पुछ रहीं हूँ, तो पुलिस कोई जबाब नहीं दे रही हैं, छोटु द्वारा धमकी दिया जा रहा है कि थाना से केस उठा लो नही तो दुनिया से तुमको उठा देंगे । अपहरणकर्ता कुछ सफेदपोश से मिलीभगत कर थानेदार को पैसा दे देते है और वे जाँच होने के नाम पर एक एक दिन कर महीने बिता दिये।
अब सोचनीय विषय है कि समाज मे इस प्रकार की घटना हो और प्रशासन द्वारा ससमय किसी की भी बच्चों का सही सलामत घर न आना समाज मे डर पैदा कर देता है। ऐसा घिनौना काम करने वाले लोग यह शायद नहीं सोचते कि उनकी भी औलाद है चाहे वह बेटा हो या बेटी ।
दोनों नाबालिक संगी बहनों की माँ मानसिक तनाव से ग्रसित है कि मेरी पुत्रियों के साथ कोई अनहोनी न हो ऊपर वाले की रहमत से सही सलामत हो और प्रशासन द्वारा जितना जल्द हो जाँचों उपरांत दोनों बच्चे घर आ जाये, और दोषियों को कठोर से कठोर सजा मिले।

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