चम्पारण जिले में तेज बारिश के कारण नदियों में उफान कई गाँव बाढ़ के चपेट में

बगहा / रामनगर  / प्रकाश सिंह की रिपोर्ट
 पश्चिम चम्पारण जिले में तेज बारिश के कारण नदियों में उफान कई गाँव बाढ़ के चपेट में।    रामनगर प्रखण्ड के शहरी इलाकों समेत ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ के कहर से लोगों में भय का माहौल ।
रामनगर मसान नदी व रामरेखा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के आसपास लोगों में भय का महौल। 
 
रामनगर में बीती रात से लगातार हुए बारिश के कारण मसान नदी व रामरेखा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदी के किनारे बसे लोगों में डर का महौल बन चला है। भावल पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रैफुल आजम खान ने बताया कि  मशाननदी नदी के किनारे धनरपा, बैराटोला, फुलवरिया, पलिया, बेलवा, कुम्हिया, मुडेरा, झारमहुई, इनारबरवा बहुअरी तेलपुर आदि गांव के लोगों में नदी में पानी बढने के बाद  डर बन जाता है।  नगर के रामरेखा नदी के चौरसिया टोला व रैली बाजार काफी प्रभावित होता है। झमाझम बारिश में 
नगर के वार्ड नं 16 में वरीय भाजपा नेता बलराम राय के घर से आचार्य दिनेश शुक्ल व हिरालाल गुप्ता के घर तक तथा वार्ड नं  17 में  आर्य समाज रोड में  घुटना तक पानी बहने लगा। इस वार्ड के लोगों सबसे ज्यादा परेशानी होने लगी है।  नगर के पीएचसी परिसर में पुराना  पर्दा वार्ड के समीप जलजमाव हो चला है। इस बारिश के बाद अधिकांश मुहल्ले  कीचडमय के कारण भी लोग परेशान हुए। लेकिन उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि मो अरमान खान ने पहल पर नगर पंचायत के कर्मी व जेसीबी के  माध्यम से नाली की सफाई बारिश में की गई। सोमवार को नगर के हिन्द सिनेमा चौक से लेकर भगतसिंह चौक के बीच बगहा एसडीएम के निर्देश पर नालियों पर पक्का निर्माण को तोड़ दिया गया लेकिन तोडने के क्रम में मलवा नाली में गिर गया था जिसके कारण नाली जाम हो चला था पानी रोड पर  बहने लगा उसे देखते हुए सफाई की गई। इस बावत सावित्री देवी  ने बताया कि समस्याओं का समाधान हर हाल में किया जाएगा तथा वार्डवासी की हर समस्या का ख्याल रखा जाएगा।महुई पंचायत, डैंमरवा पंचायत, जोगिया समेत दोन क्षेत्र के ग्रामीणों का मुख्यालय से जुड़ने वाले रास्तों में बाढ़ का पानी लगने से सम्पर्क भंग होने के कारण लोगों को वर्ष 2017 के बाढ़ की विनाश लीला का डर हो चला है ।रामनगर के वार्ड नम्बर 10 जोलाहा टोली में कृष्णकान्त तिवारी, छोटे सोनी, सुदामा सोनी, मन्सूर मियाँ समेत चौरसिया टोला में लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुसने से लोग घर छोड़ कर सुरक्षित जगहों पर रहने के लिए मजबूर । ज द यू नेता काशीनाथ तिवारी ने बताया कि सेराहवा गाँव के पास मसान नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण लगभग 2 दर्जन गांवों का आवागमन बाधित है वहीं मसान नदी के विनाश लीला से किसानों को फसल नुकसान से भारी क्षति पहुंची है ।साथ ही सड़कों पर बाढ़ के पानी से ग्रामीण अन्यत्र पलायन करने की तैयारी में लगे ।जबकि संबंधित अधिकारियों के द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए किसी प्रकार का पहल नहीं किया गया है ।वारिश नहीं रुकने के कारण लोगों को एकबार फिर वर्ष 2017 का बाढ़ का विनाशकारी मंज़र सामने दिख रहा है ।

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