बेतिया में जल जमाव से निज़ात को लेकर नपकर्मियों संग डीएम उतरे मैदान
बेतिया में जल जमाव से निज़ात को लेकर नपकर्मियों संग डीएम उतरे मैदान
अश्वनी सिंह/ ब्यूरो चीफ /आर सिटी न्यूज़
जिला मुख्यालय बेतिया लोगों के घर मे घुसा वर्षा का पानी, अछूते नहीं रहे अधिकारियों के आवासीय परिसर। बेतिया हुआ पानी पानी जिधर देखो उधर ही पानी। जिला समाहरणालय परिसर, डीएम आवास परिसर, एसपी आवास परिसर और एसपी कार्यालय परिसर में जलजमाव का नज़ारा है। विगत सोमवार से अनवरत हो रही झमाझम वर्षा की वज़ह से पश्चिम चंपारण जिला के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चारो तरफ पानी ही पानी का नज़ारा है। जिला की बड़ी नदी गंडक, मसान एवं (सिकहरना) बूढ़ी गण्डक नदी भारी उफान पर है। प्रशासनिक सूत्रों के हवाले से मिली ख़बर के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों की पहाड़ी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है। जिसके कारण भारत नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण काफी भयभीत हैं। गण्डक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हुई भारी वर्षा के कारण वाल्मीकिनगर बराज़ पर दवाब बढ़ने से शुक्रवार को 103 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। उसके बाद जिला प्रशासन ने गंडक नदी के तटवर्ती क्षेत्र के लोगों को एवं तटबंध पर बसे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। वैसे उधर के लोग नदी के बढ़ते जलस्तर को देख पलायन करने लगे हैं। जिला प्रशासन ने आसन्न आपदा से निबटने की तैयारी करते हुए, स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी है और सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। जिला मुख्यालय बेतिया में चारो तरफ पानी ही पानी है, कई जगहों पर भारी जलजमाव स्थिति पैदा हो गई है, जिसमें मीना बाजार, समाहरणालय, पुलिस ऑफिस, डीएम अावास, एसपी आवास, रजिस्ट्री कार्यालय एवं अनुमंडल कार्यालय परिसर में पानी भरा हुआ है, हालाकि सभी कागज़ात अभी सुरक्षित हैं। बेतिया में जलजमाव से निज़ात को लेकर समाहरणालय परिसर, पुलिस कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय से जलनिकासी के लिए जिला पदाधिकारी डॉ.नीलेश रामचंद्र देवरे ने स्वयं नप के कर्मचारियों को लेकर समाहरणालय चौक से स्टेशन चौक तक नाली एवं कूड़े कचरें को साफ कराया, जिससे जल जमाव से निजात मिल सके।
अश्वनी सिंह/ ब्यूरो चीफ /आर सिटी न्यूज़
जिला मुख्यालय बेतिया लोगों के घर मे घुसा वर्षा का पानी, अछूते नहीं रहे अधिकारियों के आवासीय परिसर। बेतिया हुआ पानी पानी जिधर देखो उधर ही पानी। जिला समाहरणालय परिसर, डीएम आवास परिसर, एसपी आवास परिसर और एसपी कार्यालय परिसर में जलजमाव का नज़ारा है। विगत सोमवार से अनवरत हो रही झमाझम वर्षा की वज़ह से पश्चिम चंपारण जिला के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चारो तरफ पानी ही पानी का नज़ारा है। जिला की बड़ी नदी गंडक, मसान एवं (सिकहरना) बूढ़ी गण्डक नदी भारी उफान पर है। प्रशासनिक सूत्रों के हवाले से मिली ख़बर के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों की पहाड़ी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है। जिसके कारण भारत नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण काफी भयभीत हैं। गण्डक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हुई भारी वर्षा के कारण वाल्मीकिनगर बराज़ पर दवाब बढ़ने से शुक्रवार को 103 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। उसके बाद जिला प्रशासन ने गंडक नदी के तटवर्ती क्षेत्र के लोगों को एवं तटबंध पर बसे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। वैसे उधर के लोग नदी के बढ़ते जलस्तर को देख पलायन करने लगे हैं। जिला प्रशासन ने आसन्न आपदा से निबटने की तैयारी करते हुए, स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी है और सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। जिला मुख्यालय बेतिया में चारो तरफ पानी ही पानी है, कई जगहों पर भारी जलजमाव स्थिति पैदा हो गई है, जिसमें मीना बाजार, समाहरणालय, पुलिस ऑफिस, डीएम अावास, एसपी आवास, रजिस्ट्री कार्यालय एवं अनुमंडल कार्यालय परिसर में पानी भरा हुआ है, हालाकि सभी कागज़ात अभी सुरक्षित हैं। बेतिया में जलजमाव से निज़ात को लेकर समाहरणालय परिसर, पुलिस कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय से जलनिकासी के लिए जिला पदाधिकारी डॉ.नीलेश रामचंद्र देवरे ने स्वयं नप के कर्मचारियों को लेकर समाहरणालय चौक से स्टेशन चौक तक नाली एवं कूड़े कचरें को साफ कराया, जिससे जल जमाव से निजात मिल सके।


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