बेतिया में सरकारी कार्यालय के प्रांगण में लगा पानी ,कर्मचारियों को हो रही है परेशानी
बेतिया में सरकारी कार्यालय के प्रांगण में लगा पानी ,कर्मचारियों को हो रही है परेशानी
अश्वनी सिंह /ब्यूरो चीफ/ आर सिटी न्यूज़ बेतिया
बेतिया सरकार कर्मचारियों को सुविधा देने के नाम पर महज खानापूर्ति है !सरकार आमजन को सुविधा व स्वच्छता के अभियान के नाम पर करोड़ो राशि खर्च कर रही है ;लेकिन सारी राशि बेकार हो रहा है !इसका जीता जागता उदाहरण जिला मुख्यालय के सदर प्रखंड अवस्थित में बन रहे भी भी गोदाम जोकि चारों ओर से जल से घिरा हुआ है !जिसका बजट करीब 6 करोड़ बताया जाता है! लेकिन उस कंस्ट्रक्शन के काम करने वाले या कराने वाले पदाधिकारी; करमचारी को कम से कम 3 फीट पानी में सफर करके उस गोदाम के पास काम करने के लिए पहुंचना पड़ता है ;अगर विभाग व जिला प्रशासन समय से जल निकासी की समस्या दूर नहीं करता है तो हो सकता है कि ऐसे महत्वपूर्ण भी भी पैड का काम बंद भी हो सकता है ;समाजसेवी; बुद्धिजीवी का कहना है कि जब मुख्यालय के प्रखंड का जल निकासी का समस्या का दंश झेल रहा है तो बाकी अन्य प्रखंड मुख्यालयों का स्थिति क्या होगी ? इससे अंदाजा लगाया जा सकता है! जितनी मुंह उतनी ही बातें जबकि इस प्रखंड में प्रतिदिन प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय में बैठते हैं लेकिन इनकी नजर का पढ़ के इस जलजमाव पर पहुंचती तो शायद जल निकासी से भी भी पैड बनाने वाले पदाधिकारी व कर्मियों को निजात मिल सकता था! बताया जाता है कि जल निकासी पर सरकार का सख्त निर्देश है कि किसी भी परिस्थिति में जल निकासी बाधित नहीं हो इसके लिए सख्ती से कदम उठाया जाए यहां तो सब उल्टा होता दिख रहा है!
अश्वनी सिंह /ब्यूरो चीफ/ आर सिटी न्यूज़ बेतिया
बेतिया सरकार कर्मचारियों को सुविधा देने के नाम पर महज खानापूर्ति है !सरकार आमजन को सुविधा व स्वच्छता के अभियान के नाम पर करोड़ो राशि खर्च कर रही है ;लेकिन सारी राशि बेकार हो रहा है !इसका जीता जागता उदाहरण जिला मुख्यालय के सदर प्रखंड अवस्थित में बन रहे भी भी गोदाम जोकि चारों ओर से जल से घिरा हुआ है !जिसका बजट करीब 6 करोड़ बताया जाता है! लेकिन उस कंस्ट्रक्शन के काम करने वाले या कराने वाले पदाधिकारी; करमचारी को कम से कम 3 फीट पानी में सफर करके उस गोदाम के पास काम करने के लिए पहुंचना पड़ता है ;अगर विभाग व जिला प्रशासन समय से जल निकासी की समस्या दूर नहीं करता है तो हो सकता है कि ऐसे महत्वपूर्ण भी भी पैड का काम बंद भी हो सकता है ;समाजसेवी; बुद्धिजीवी का कहना है कि जब मुख्यालय के प्रखंड का जल निकासी का समस्या का दंश झेल रहा है तो बाकी अन्य प्रखंड मुख्यालयों का स्थिति क्या होगी ? इससे अंदाजा लगाया जा सकता है! जितनी मुंह उतनी ही बातें जबकि इस प्रखंड में प्रतिदिन प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय में बैठते हैं लेकिन इनकी नजर का पढ़ के इस जलजमाव पर पहुंचती तो शायद जल निकासी से भी भी पैड बनाने वाले पदाधिकारी व कर्मियों को निजात मिल सकता था! बताया जाता है कि जल निकासी पर सरकार का सख्त निर्देश है कि किसी भी परिस्थिति में जल निकासी बाधित नहीं हो इसके लिए सख्ती से कदम उठाया जाए यहां तो सब उल्टा होता दिख रहा है!

Comments
Post a Comment