अफवाहों के कारण पुलिस को झेलना पड़ा फजीहत
अफवाहों के कारण पुलिस को झेलना पड़ा फजीहत
अश्वनी सिंह /ब्यूरो चीफ /आर सिटी न्यूज़ बेतिया
पश्चिम चंपारण जिला के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरा में हुई कल 22 वर्षीय लहवर कुमार की मौत की खबर अचानक मिट्टी के तेल की तरफ फैली की पुलिस की पिटाई से लहवर कुमार की मौत हो गई है । सूत्रों की मानें तो मामले को तूल देने के लिए कुछ ग्रामीणों द्वारा अफवाह फैलाया गया कि पुलिस की पिटाई से युवक की मौत हो गई है । जिसके बाद ग्रामीणों में अचानक पुलिस के प्रति आक्रोश फैल गया तथा ग्रामीणों ने पिपरा एनएच को जाम कर उग्र प्रदर्शन किया ,कई गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया, पुलिस बल पर भी पथराव किया, कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए। लेकिन पुलिस अधीक्षक जयंत कांत घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, तथा स्थिति को काबू में किया ।उसके बाद से अभी तक कहीं से किसी बात विवाद या विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं हुई है ।मृत लहवर के शव को पोस्टमार्टम के समय पोस्टमार्टम गृह में उपस्थित लोगों ने बताया की लहवर के पूरे शरीर पर कहीं से भी किसी तरह की चोट या जख्म का निशान नहीं है। पुलिस लहवर के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है ।राहत के तौर पर रात ही पुलिस 10 हजार रुपैया सहयोग के रूप में मुहैया कराई थी ।वहां के स्थानीय लोगों के मुताबिक उनको मुआवजा दिलाने के लिए पुलिस प्रयासरत है लहवर के शव के पोस्टमार्टम के पश्चात अब बातें निकल कर सामने आई है कि पुलिस की पिटाई से लवर की मृत्यु नहीं हुई है लाहौर की मृत्यु अचानक कथित पुलिस वाले वर्दीधारी को देखकर भागने के क्रम में गढ़ा में गिरने से उनकी मृत्यु हो गई ।लेकिन वहां के लोगों ने स्कॉर्पियो गाड़ी से चार वर्दीधारी को उतरते देखा था, और वर्दीधारी को देखकर यह लोग भागे थे ।इसलिए ग्रामीणों ने यह अफवाह फैलाई ,कि पुलिस की पिटाई से लहवर की मृत्यु हो गई, और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। जबकि मृत्यु के संदर्भ में वहां के लोगों के फर्द बयान के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई प्रारंभ कर छानबीन कर रही है ,कि आखिर स्कॉर्पियो से वहां कौन से लोग गए थे ।छापेमारी से उत्पाद विभाग भी इंकार कर रहा है ।मुफस्सिल थाने की पुलिस के पास स्कॉर्पियो है ,हि नहीं तो वे लोग कौन थे ।जो वहां ताश में जुआ खेलने की खबर से गए थे ।यह सारा मामला पुलिस के अनुसंधान के पश्चात ही खुलकर सामने आएगा। पोस्टमार्टम में आए शव को वहां के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शरीर पर कहीं से भी किसी तरह के जख्म के निशान नहीं थे। अब यह मामला जांच का विषय है। पुलिस पूरी तत्परता के साथ जांच कर रही है ।पुलिस अधीक्षक अलग से भी एक जांच टीम का गठन कर गोपनीय तरीके से जांच करवा रहे हैं। उधर मृतक के साला चुनमुन मुखिया के अनुसार पिपरा गांव एवं गोनौली गांव के बीच बारहवां घाट के पास बांस में बैठ कर चार लोग ताश खेल रहे थे ,तो ही स्कॉर्पियो से चार वर्दीधारी उतरे थे ,जिसे देख कर सभी लोग आगे भाग गए, तथा लहवर पीछे था ,और पुलिस की वर्दी में जो लोग थे यह उसके पैर में मार रहे थे। जिससे उसकी मृत्यु हो गई। मृतक के साला के बयान भी अटपटा सा है। पैर मे मारने से तत्काल मृत्यु होना अपने आप में जांच का विषय है। ग्रामीणों में से ही यह बात सामने आई है ,कि पुलिस के वर्दी में लोगों को देखकर भागने के क्रम में गड्ढे में गिर जाने से अचानक चोटे आई या सदमा लगा जिससे उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की शादी 3 माह पहले पिपरा के हरिश्चंद्र बीन की लड़की से हुई थी। मृतक ससुराल आया हुआ था। मामला जो भी हो कुल मिलाकर अनुसंधान के पश्चात हि यह बात स्पष्ट हो पाएगा कि वर्दी में गए लोग कौन थे मौत. का कारण क्या था।
अश्वनी सिंह /ब्यूरो चीफ /आर सिटी न्यूज़ बेतिया
पश्चिम चंपारण जिला के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरा में हुई कल 22 वर्षीय लहवर कुमार की मौत की खबर अचानक मिट्टी के तेल की तरफ फैली की पुलिस की पिटाई से लहवर कुमार की मौत हो गई है । सूत्रों की मानें तो मामले को तूल देने के लिए कुछ ग्रामीणों द्वारा अफवाह फैलाया गया कि पुलिस की पिटाई से युवक की मौत हो गई है । जिसके बाद ग्रामीणों में अचानक पुलिस के प्रति आक्रोश फैल गया तथा ग्रामीणों ने पिपरा एनएच को जाम कर उग्र प्रदर्शन किया ,कई गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया, पुलिस बल पर भी पथराव किया, कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए। लेकिन पुलिस अधीक्षक जयंत कांत घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, तथा स्थिति को काबू में किया ।उसके बाद से अभी तक कहीं से किसी बात विवाद या विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं हुई है ।मृत लहवर के शव को पोस्टमार्टम के समय पोस्टमार्टम गृह में उपस्थित लोगों ने बताया की लहवर के पूरे शरीर पर कहीं से भी किसी तरह की चोट या जख्म का निशान नहीं है। पुलिस लहवर के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है ।राहत के तौर पर रात ही पुलिस 10 हजार रुपैया सहयोग के रूप में मुहैया कराई थी ।वहां के स्थानीय लोगों के मुताबिक उनको मुआवजा दिलाने के लिए पुलिस प्रयासरत है लहवर के शव के पोस्टमार्टम के पश्चात अब बातें निकल कर सामने आई है कि पुलिस की पिटाई से लवर की मृत्यु नहीं हुई है लाहौर की मृत्यु अचानक कथित पुलिस वाले वर्दीधारी को देखकर भागने के क्रम में गढ़ा में गिरने से उनकी मृत्यु हो गई ।लेकिन वहां के लोगों ने स्कॉर्पियो गाड़ी से चार वर्दीधारी को उतरते देखा था, और वर्दीधारी को देखकर यह लोग भागे थे ।इसलिए ग्रामीणों ने यह अफवाह फैलाई ,कि पुलिस की पिटाई से लहवर की मृत्यु हो गई, और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। जबकि मृत्यु के संदर्भ में वहां के लोगों के फर्द बयान के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई प्रारंभ कर छानबीन कर रही है ,कि आखिर स्कॉर्पियो से वहां कौन से लोग गए थे ।छापेमारी से उत्पाद विभाग भी इंकार कर रहा है ।मुफस्सिल थाने की पुलिस के पास स्कॉर्पियो है ,हि नहीं तो वे लोग कौन थे ।जो वहां ताश में जुआ खेलने की खबर से गए थे ।यह सारा मामला पुलिस के अनुसंधान के पश्चात ही खुलकर सामने आएगा। पोस्टमार्टम में आए शव को वहां के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शरीर पर कहीं से भी किसी तरह के जख्म के निशान नहीं थे। अब यह मामला जांच का विषय है। पुलिस पूरी तत्परता के साथ जांच कर रही है ।पुलिस अधीक्षक अलग से भी एक जांच टीम का गठन कर गोपनीय तरीके से जांच करवा रहे हैं। उधर मृतक के साला चुनमुन मुखिया के अनुसार पिपरा गांव एवं गोनौली गांव के बीच बारहवां घाट के पास बांस में बैठ कर चार लोग ताश खेल रहे थे ,तो ही स्कॉर्पियो से चार वर्दीधारी उतरे थे ,जिसे देख कर सभी लोग आगे भाग गए, तथा लहवर पीछे था ,और पुलिस की वर्दी में जो लोग थे यह उसके पैर में मार रहे थे। जिससे उसकी मृत्यु हो गई। मृतक के साला के बयान भी अटपटा सा है। पैर मे मारने से तत्काल मृत्यु होना अपने आप में जांच का विषय है। ग्रामीणों में से ही यह बात सामने आई है ,कि पुलिस के वर्दी में लोगों को देखकर भागने के क्रम में गड्ढे में गिर जाने से अचानक चोटे आई या सदमा लगा जिससे उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की शादी 3 माह पहले पिपरा के हरिश्चंद्र बीन की लड़की से हुई थी। मृतक ससुराल आया हुआ था। मामला जो भी हो कुल मिलाकर अनुसंधान के पश्चात हि यह बात स्पष्ट हो पाएगा कि वर्दी में गए लोग कौन थे मौत. का कारण क्या था।

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