काँवरियों का जत्था गया वाल्मीकिनगर त्रिवेणी संगम रवाना
काँवरियों का जत्था गया वाल्मीकिनगर त्रिवेणी संगम रवाना
अश्वनी सिंह/ ब्यूरो चीफ /आर सिटी न्यूज़ बेतिया
रामनगर नगर स्थित अंतरराष्ट्रीय ऐतिहासिक राज शिव मंदिर प्रांगण से आज आषाढ़ गुरू पूर्णिमा के अवसर पर कांवरियों का जत्था निकला जिसमें महिला और पुरुष शामिल रहे । मंदिर पूजा समिति संकिर्तन संघ के कार्यकारी अध्यक्ष संदीप मिश्रा ने बताया कि कल श्रावण मास का प्रथम दिन है कल से भगवान शिव के ऊपर जलाभिषेक की प्रक्रिया शुरू होगी। यह जल त्रिवेणी संगम घाट से कांवरिया अपने कांधे पर लेकर आते हैं । अपना पवित्र जल रामनगर नीलकंठ नर्मदेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करते हैं । मान्यता है कि इस मंदिर में पूजा करने वालों की हर मनोकामना पूरी होती है। यह मंदिर रामनगर ही नहीं अपितु इस प्रमंडल की धरोहर है। 200 वर्ष पहले की मंदिर की कहानी अति महत्वपूर्ण है। कांवरियों के रुकने के लिए मंदिर की धर्मशाला की साफ सफाई करा दी गई है । एक नजर देखें तो नगर पंचायत के मुख्य पार्षद एवं उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि के प्रयास से रास्ते को साफ किया गया है ।लोगों को आने जाने में कष्ट न हो इसके लिए भी नगर पंचायत सफाई जोरों पर चला रहा हैं। भावल-सबुनी पोखरा काँवरिया पथ में राबिस ईंट के टुकड़े आदि डाले जाएंगे।
अश्वनी सिंह/ ब्यूरो चीफ /आर सिटी न्यूज़ बेतिया
रामनगर नगर स्थित अंतरराष्ट्रीय ऐतिहासिक राज शिव मंदिर प्रांगण से आज आषाढ़ गुरू पूर्णिमा के अवसर पर कांवरियों का जत्था निकला जिसमें महिला और पुरुष शामिल रहे । मंदिर पूजा समिति संकिर्तन संघ के कार्यकारी अध्यक्ष संदीप मिश्रा ने बताया कि कल श्रावण मास का प्रथम दिन है कल से भगवान शिव के ऊपर जलाभिषेक की प्रक्रिया शुरू होगी। यह जल त्रिवेणी संगम घाट से कांवरिया अपने कांधे पर लेकर आते हैं । अपना पवित्र जल रामनगर नीलकंठ नर्मदेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करते हैं । मान्यता है कि इस मंदिर में पूजा करने वालों की हर मनोकामना पूरी होती है। यह मंदिर रामनगर ही नहीं अपितु इस प्रमंडल की धरोहर है। 200 वर्ष पहले की मंदिर की कहानी अति महत्वपूर्ण है। कांवरियों के रुकने के लिए मंदिर की धर्मशाला की साफ सफाई करा दी गई है । एक नजर देखें तो नगर पंचायत के मुख्य पार्षद एवं उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि के प्रयास से रास्ते को साफ किया गया है ।लोगों को आने जाने में कष्ट न हो इसके लिए भी नगर पंचायत सफाई जोरों पर चला रहा हैं। भावल-सबुनी पोखरा काँवरिया पथ में राबिस ईंट के टुकड़े आदि डाले जाएंगे।

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