भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)की पश्चिम चम्पारण जिला कमिटी के जांच दल का बयान -----
अश्वनी सिंह / ब्यूरो चीफ
बेतिया से सटे पिपरा मौजा टोला के हरिश्चन्द्र बीन के दामाद रोहिनिया ,बंजरिया थाना ,पूर्वी चम्पारण निवासी लहवर बीन की पुलिस द्वारा निर्मम से हुई हत्या की जांच करने गये सीपीएम जांच दल का प्रतिवेदन ---,
सी पी आई एम राज्य सचिवमंडल सदस्य प्रभुराज नारायण राव ,बिहार बार कौंसिल के सदस्य म.सैदुल्लाह ,बेतिया लोकल कमिटी के सचिव वी के नरुला, नौतन लोकल कमिटी के सचिव प्रकाश वर्मा ,नीरज वर्णवाल ,शंकर कुमार राव की जांच दल ने बताया कि दो महीने दो दिन शादी के बाद टूटे हुए दायें हाथ का प्लास्टर कटवाने के लिए लहवर बीन अपने ससुराल आया था ।18 जुलाई को अपराह्न सड़क के किनारे विशुन ठाकुर के एक झोपड़ी के सामने स्थानीय निवासी किशोर कुमार ,सोनू कुमार और साला झुनझुन कुमार के साथ तास खेल रहा था ।तभी मुफ्फसिल थाना बेतिया की गस्ती गाड़ी पर से तीन वर्दीधारी पुलिस उतरे ।पुलिस को अपनी ओर आते देख चारो उत्तर दिशा की ओर भागने लगे । बाँह टूटने के कारण तेज नहीं भाग पाने की स्थिति में लहवर बीन गिर गया और पुलिस कर्मी अपने बूट से कुचलकर मारने लगे ।लहवर को बेहोशी की अवस्था में छोड़कर पुलिस का जाना निहायत अमानवीय एवं जघन्य अपराध है।
लहवर को मृत समझ पिपरा के गांव वाले उसकी लास को लेकर लगभग 7 बजे शाम में बेतिया मोतिहारी सड़क को जाम कर दिया ।पुलिस द्वारा बर्बर लाठी चार्ज से लहवर के ससुर हरिश्चन्द्र बीन तथा सास लखपति देवी खून से लहूलुहान हो गये। मरछिया खातून जैसे दर्जनों लोग लाठी लगने से घायल हो गये।
जाँच दल मांग करता है कि घटना की उच्चस्तरीय जाँच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर 302 का मुकदमा चलाया जाय।
मृत लहवर बीन की पत्नी को सरकारी नौकरी दिया जाय ।
मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये तथा घायलों को 25 हजार रुपये मुआवजा दिया जाय ।
अश्वनी सिंह / ब्यूरो चीफ
बेतिया से सटे पिपरा मौजा टोला के हरिश्चन्द्र बीन के दामाद रोहिनिया ,बंजरिया थाना ,पूर्वी चम्पारण निवासी लहवर बीन की पुलिस द्वारा निर्मम से हुई हत्या की जांच करने गये सीपीएम जांच दल का प्रतिवेदन ---,
सी पी आई एम राज्य सचिवमंडल सदस्य प्रभुराज नारायण राव ,बिहार बार कौंसिल के सदस्य म.सैदुल्लाह ,बेतिया लोकल कमिटी के सचिव वी के नरुला, नौतन लोकल कमिटी के सचिव प्रकाश वर्मा ,नीरज वर्णवाल ,शंकर कुमार राव की जांच दल ने बताया कि दो महीने दो दिन शादी के बाद टूटे हुए दायें हाथ का प्लास्टर कटवाने के लिए लहवर बीन अपने ससुराल आया था ।18 जुलाई को अपराह्न सड़क के किनारे विशुन ठाकुर के एक झोपड़ी के सामने स्थानीय निवासी किशोर कुमार ,सोनू कुमार और साला झुनझुन कुमार के साथ तास खेल रहा था ।तभी मुफ्फसिल थाना बेतिया की गस्ती गाड़ी पर से तीन वर्दीधारी पुलिस उतरे ।पुलिस को अपनी ओर आते देख चारो उत्तर दिशा की ओर भागने लगे । बाँह टूटने के कारण तेज नहीं भाग पाने की स्थिति में लहवर बीन गिर गया और पुलिस कर्मी अपने बूट से कुचलकर मारने लगे ।लहवर को बेहोशी की अवस्था में छोड़कर पुलिस का जाना निहायत अमानवीय एवं जघन्य अपराध है।
लहवर को मृत समझ पिपरा के गांव वाले उसकी लास को लेकर लगभग 7 बजे शाम में बेतिया मोतिहारी सड़क को जाम कर दिया ।पुलिस द्वारा बर्बर लाठी चार्ज से लहवर के ससुर हरिश्चन्द्र बीन तथा सास लखपति देवी खून से लहूलुहान हो गये। मरछिया खातून जैसे दर्जनों लोग लाठी लगने से घायल हो गये।
जाँच दल मांग करता है कि घटना की उच्चस्तरीय जाँच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर 302 का मुकदमा चलाया जाय।
मृत लहवर बीन की पत्नी को सरकारी नौकरी दिया जाय ।
मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये तथा घायलों को 25 हजार रुपये मुआवजा दिया जाय ।

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