सुपुर्दे खाक हुए कांग्रेस नेता फ़ख़रुद्दीन साहब
अश्वनी सिंह/ ब्यूरो चीफ
रामनगर स्थानीय स्तर पर नेताजी के नाम से चर्चित फ़ख़रुद्दीन साहब शनिवार को दोपहर बाद सुपुर्दे खाक हो गये। उनके अंतिम संस्कार की यात्रा में लगभग पच्चास हजार लोगों ने शामिल होकर नम आँखों से उन्हें विदाई दी।
लोगों को आशंका थी कि उनकी हत्या के परिणाम स्वरूप नगर का माहौल खराब होगा। लेकिन स्थानीय थानाध्यक्ष व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की सक्रियता से नेताजी जो एक बाहुबली के रूप में भी जाने जाते थे, का शव उनके गाँव में भेंजवा दिया। ऐसा अनुमान किया जा रहा था कि यदि ससमय उनका पार्थिव शरीर उनके गाँव नहीं भेंजवाया जाता तो उनके समर्थक नगर में अपनी भँड़ास जरूर निकालते।
सुबह से ही नगर के सभी चौक-चौराहों पर पुलिस के जवान तैनात रहे। पुलिस आने-जाने वाले लोगों पर विशेष नजर रख रही थी। नेताजी के समर्थक व उनके चाहने वाले सुबह से ही उनके गांव छवघरिया पहुँचना शुरू कर दिए थे। आस-पास के लगभग पच्चास गाँवों से उनके समर्थक उनके जनाजे की नमाज़ में शामिल होने के लिए आए थे। उपस्थित जन सैलाब में जाति-धर्म कोई बंधन नहीं था।
नेताजी रामनगर विधानसभा से 2005 में चंद्रमोहन राय से केवल 250 मतों के अंतराल से चुनाव हारे थे। फिर छः माह के बाद भी राजद की टिकट पर विस.चुनाव लड़े और हार गए थे। वर्ष 2010 में वाल्मीकिनगर से लोक सभा चुनाव भी लड़े जिसमें कदावर नेता रघुनाथ झा भी हार गए थे और वैधनाथ महतो चुनाव मजीते थे।
अपनी दबंगई के लिए मो.फ़ख़रुद्दीन विशेष रूप से जाने जाते थे। उनके संबंध में सुगर मिल ,थाना, ब्लॉक से संबंधित कई चर्चाएं हैं। इन्हीं मामलों को लेकर इनकी अत्यधिक लोकप्रियता थी। इनके जनाजे सांसद वैधनाथ महतो, पूर्व विधायक राजेश सिंह, प्रभात रंजन सिंह, राजन तिवारी, पूर्णवासी राम, विधान पार्षद राजेश राम,जिला परिषद अध्यक्ष शैलेंद्र गढ़वाल, विधायक रिंकू सिंह, जिला पार्षद पप्पू रंजन, पिंटू सिंह, रघुवंश सिंह, नागेंद्र साह,अरमान अली, सभी मुखिया, बीडीसी आदि उपस्थित थे।
अश्वनी सिंह/ ब्यूरो चीफ
रामनगर स्थानीय स्तर पर नेताजी के नाम से चर्चित फ़ख़रुद्दीन साहब शनिवार को दोपहर बाद सुपुर्दे खाक हो गये। उनके अंतिम संस्कार की यात्रा में लगभग पच्चास हजार लोगों ने शामिल होकर नम आँखों से उन्हें विदाई दी।
लोगों को आशंका थी कि उनकी हत्या के परिणाम स्वरूप नगर का माहौल खराब होगा। लेकिन स्थानीय थानाध्यक्ष व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की सक्रियता से नेताजी जो एक बाहुबली के रूप में भी जाने जाते थे, का शव उनके गाँव में भेंजवा दिया। ऐसा अनुमान किया जा रहा था कि यदि ससमय उनका पार्थिव शरीर उनके गाँव नहीं भेंजवाया जाता तो उनके समर्थक नगर में अपनी भँड़ास जरूर निकालते।
सुबह से ही नगर के सभी चौक-चौराहों पर पुलिस के जवान तैनात रहे। पुलिस आने-जाने वाले लोगों पर विशेष नजर रख रही थी। नेताजी के समर्थक व उनके चाहने वाले सुबह से ही उनके गांव छवघरिया पहुँचना शुरू कर दिए थे। आस-पास के लगभग पच्चास गाँवों से उनके समर्थक उनके जनाजे की नमाज़ में शामिल होने के लिए आए थे। उपस्थित जन सैलाब में जाति-धर्म कोई बंधन नहीं था।
नेताजी रामनगर विधानसभा से 2005 में चंद्रमोहन राय से केवल 250 मतों के अंतराल से चुनाव हारे थे। फिर छः माह के बाद भी राजद की टिकट पर विस.चुनाव लड़े और हार गए थे। वर्ष 2010 में वाल्मीकिनगर से लोक सभा चुनाव भी लड़े जिसमें कदावर नेता रघुनाथ झा भी हार गए थे और वैधनाथ महतो चुनाव मजीते थे।
अपनी दबंगई के लिए मो.फ़ख़रुद्दीन विशेष रूप से जाने जाते थे। उनके संबंध में सुगर मिल ,थाना, ब्लॉक से संबंधित कई चर्चाएं हैं। इन्हीं मामलों को लेकर इनकी अत्यधिक लोकप्रियता थी। इनके जनाजे सांसद वैधनाथ महतो, पूर्व विधायक राजेश सिंह, प्रभात रंजन सिंह, राजन तिवारी, पूर्णवासी राम, विधान पार्षद राजेश राम,जिला परिषद अध्यक्ष शैलेंद्र गढ़वाल, विधायक रिंकू सिंह, जिला पार्षद पप्पू रंजन, पिंटू सिंह, रघुवंश सिंह, नागेंद्र साह,अरमान अली, सभी मुखिया, बीडीसी आदि उपस्थित थे।

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